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भोपाल में करंट लगने से भाजपा नेता की मौत,

भोपाल में करंट लगने से भाजपा नेता की मौत: डिवाइडर पर लगे पोल को छूते ही आया करंट, खरीदारी करने पहुंचे थे

भोपाल •APNA NAIGARHI•28/9/2026
भोपाल में करंट लगने से भाजपा नेता की मौत,

भोपाल। राजधानी भोपाल के एमपी नगर इलाके में रविवार रात एक हादसे में भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला महामंत्री दिव्यऋषि तिवारी (29) की करंट लगने से मौत हो गई। घटना डीबी मॉल के सामने हुई। वे अपने परिवार के साथ खरीदारी के लिए वहां पहुंचे थे।

जानकारी के अनुसार, खरीदारी के बाद दिव्यऋषि सड़क पार कर रहे थे। इसी दौरान डिवाइडर के पास लगे स्ट्रीट लाइट के पोल को उन्होंने सहारे के लिए पकड़ लिया। पोल में कथित तौर पर करंट प्रवाहित हो रहा था और संपर्क में आते ही उन्हें तेज बिजली का झटका लगा, जिसके बाद वे नीचे गिर गए।

घटना के दौरान उनके साथ मौजूद एक महिला भी करंट की चपेट में आई। कई मीडिया रिपोर्ट्स में महिला को दिव्यऋषि की पत्नी बताया गया है। वह समय रहते पोल के संपर्क से अलग होने में सफल रहीं। मौके पर मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों ने तुरंत मदद शुरू की।

पुलिसकर्मियों ने दिया CPR

ट्रैफिक हेड कॉन्स्टेबल जगदीश दांगी के अनुसार, हादसे के बाद दिव्यऋषि बेसुध होकर गिर गए। पुलिसकर्मियों ने मौके पर उन्हें CPR देकर बचाने का प्रयास किया। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। विभिन्न रिपोर्ट्स के अनुसार उन्हें पहले नर्मदा अस्पताल ले जाया गया और बाद में AIIMS भोपाल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक दिव्यऋषि तिवारी भोपाल की पत्रकार कॉलोनी क्षेत्र के निवासी थे और जिला न्यायालय में वकालत भी करते थे।

पोल में करंट कैसे आया, इसकी जांच

हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि सड़क किनारे लगे पोल में करंट आखिर पहुंचा कैसे। शुरुआती जांच में पोल के पास खुले या बाहर निकले तार की बात सामने आई है। पुलिस ने खतरे को देखते हुए तार को अलग करवाया और घटनास्थल को सुरक्षित किया। हालांकि करंट आने की वास्तविक तकनीकी वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

पोल के स्वामित्व को लेकर भी स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। शुरुआती जानकारी में इसका संबंध मेट्रो परियोजना या PWD से होने की बात कही गई है, लेकिन किस विभाग की जिम्मेदारी थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी। इसलिए फिलहाल किसी एक विभाग को हादसे का जिम्मेदार ठहराना जल्दबाजी होगी।